धरनास्थल पर पहुंची पीएसी, आक्रोश देख लौटी
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में मंसूर अली पार्क में महिलाओं का धरना छठे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को महिला सिपाहियों के साथ पीएसी की दो गाड़ियां धरनास्थल पर पहुंचीं लेकिन लोगों के विरोध के कारण उन्हें लौटना पड़ा।
रविवार शाम करीब चार बजे अचानक यह विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। इसकी किसी को जानकारी तक नहीं थी। शायद यही वजह थी कि उस वक्त इस धरने में गिनती की महिलाएं थीं। आठ-दस महिलाएं मंसूर अली पार्क में दरी बिछाकर शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठ गईं थीं। उस वक्त किसी को अंदाजा भी नहीं था कि गिनती की महिलाओं का शुरू किया गया यह धरना बड़ा रूप ले लेगा। रात होते-होते यहां सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पहुंच गईं। उन्होंने सीएए को वापस लेने की मांग शुरू कर दी। धरना पूरी रात चला। ठंड में महिलाओं के लिए बिस्तर आदि के भी इंतजाम किए गए। पुलिस व एलआईयू भी लगातार यह जानने की कोशिश में लगी रही कि आखिर उनका अगुवा कौन है लेकिन हर बार उन्हें यही बताया गया कि यह आम आवाम का विरोध प्रदर्शन है। नेतृत्व करने वाला कोई नहीं है। धीरे-धीरे महिलाओं की संख्या और बढ़ने लगी तो उनके बैठने के इंतजाम भी बढ़ाए गए। लगातार छह दिन से धरना चल रहा है। हर दिन महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। उनके बैठने के इंतजाम के साथ चाय-पानी, व नाश्ते-खाने की व्यवस्था भी लगातार हो रही है। धरने को महिलाएं संबोधित भी कर रही हैं। कोई इंकलाब का नारा लगा रहा है तो कोई संविधान बचाने की आवाज बुलंद कर रहा है। बीच-बीच में धरने का समर्थन करने वाले भी पहुंच रहे हैं। कम समय में अपनी बात रख रहे हैं।